चुनाव कानून (संशोधन) विधेयक, 2021: मुख्य बिंदु | लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी पास हुआ चुनाव कानून

आधार को मतदाता सूची से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार लोकसभा में ‘चुनाव कानून (संशोधन) विधेयक, 2021’ लोकसभा से पारित। लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी पास हुआ चुनाव कानून.

चुनाव कानून (संशोधन) विधेयक 2021, लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी पास हुआ चुनाव कानून,

मुख्य बिंदु:

•चुनाव कानून (संशोधन) विधेयक 2021 एक बार पारित होने के बाद चुनाव अधिकारियों को मतदाता के रूप में पंजीकरण करने के इच्छुक लोगों की आधार संख्या पूछने की अनुमति देगा। वे पहचान स्थापित करने के लिए आधार नंबर मांगेंगे।

•इसका उद्देश्य विभिन्न स्थानों पर एक ही व्यक्ति के एकाधिक नामांकन को रोकना है।

•इससे फर्जी वोटिंग और फर्जी मतों को रोकने में मदद मिलेगी।

•मल्टीपल क्वालिफाइंग डेट्स: नागरिकों को 18 वर्ष कि आयु में वोटिंग का अधिकार मिल जाता है। हालाँकि 18 वर्ष की आयु के बाद भी कई लोग मतदाता सूची से बाहर रह जाते हैं। ऐसा इसलिये है क्योंकि 1 जनवरी को क्वालीफाइंग तारीख के रूप में माना जाता है।

•विधेयक के अनुसार, वोटिंग रोल को अपडेट करने के लिये चार क्वालिफाइंग तारीखों की घोषणा की जाएगी, जिसमें जनवरी, अप्रैल, जुलाई और अक्तूबर के महीनों के पहले दिन 18 वर्ष के हो चुके लोगों को शामिल किया जाएगा।

•लैंगिक तटस्थता लाना: ‘सेवा मतदाताओं की पत्नियों’ के पंजीकरण की भाषा को अब ‘जीवन साथी’ से बदल दिया जाएगा। यह कानूनों को और अधिक “लिंग-तटस्थ” बना देगा।

•सेवा मतदाता वे हैं जो सशस्त्र बलों में सेवारत हैं या इसके बाहर राज्य के सशस्त्र पुलिस बल में सेवारत हैं या भारत के बाहर तैनात सरकारी कर्मचारी हैं।

•इस विधेयक में निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों को उन व्यक्तियों से आधार संख्या मांगने की अनुमति देने का भी प्रयास किया गया है जो पहले से ही मतदाता सूची में शामिल हैं। यह मतदाता सूची में प्रविष्टियों को प्रमाणित करने के साथ-साथ एक से अधिक निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची में एक ही व्यक्ति के नाम के पंजीकरण की पहचान करने या एक ही निर्वाचन क्षेत्र में एक से अधिक बार नाम के पंजीकरण की पहचान करने के लिए किया जाएगा।

किन अधिनियमों में होगा संशोधन?

• यह बिल जनप्रतिनिधित्व कानून, 1950 और 1951 की कई धाराओं में संशोधन करेगा।

•मतदाता सूची डेटा को आधार से जोड़ने की अनुमति देने के लिए अधिनियम 1950 की धारा 23 में संशोधन किया जाएगा। यह संशोधन विभिन्न स्थानों पर एक ही व्यक्ति के एकाधिक नामांकन के खतरे को रोकने में मदद करेगा।

Leave a Reply